रायपुर।आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। राजधानी के पास तिल्दा की सरकारी देसी शराब दुकान में संभागीय उड़नदस्ता आबकारी अधिकारी और कर्मचारियों की दबंगई का मामला सामने आया है। यहां दुकान के सुपरवाइजर को खुलेआम थप्पड़ जड़ने का वीडियो वायरल हो गया है।
आबकारी अधिकारी का सुपरवाइजर पर थप्पड़, CCTV वीडियो वायरल
घटना का वीडियो CCTV कैमरे में कैद हुआ है। फुटेज में साफ दिखाई देता है कि आबकारी विभाग के अधिकारी उत्तम भारद्वाज सुपरवाइजर से बहस कर रहे हैं। बात बढ़ते ही उन्होंने सुपरवाइजर मधु राय को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद अधिकारी गाली-गलौज करते भी नजर आए।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और शराब दुकान के कर्मचारियों में आक्रोश है। उनका कहना है कि सरकारी अधिकारी इस तरह से दबाव बनाकर न केवल कर्मचारियों को प्रताड़ित कर रहे हैं, बल्कि वसूली का खेल भी खुलेआम चल रहा है।
ओवर रेटिंग का लगाया आरोप
शराब दुकान के सेल्समैन मोहित वर्मा ने बताया कि यह घटना 2 सितंबर की शाम करीब 7:30 से 9 बजे के बीच की है। आबकारी अधिकारी उत्तम भारद्वाज दुकान पर पहुंचे और ओवर रेटिंग (नियम से अधिक दाम पर शराब बेचने) का आरोप लगाने लगे।

लेकिन सुपरवाइजर मधु राय ने स्पष्ट कहा कि दुकान में शराब पूरी तरह से निर्धारित रेट पर ही बेची जा रही है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। अधिकारी इस जवाब से नाराज हो गया और तैश में आकर सुपरवाइजर को थप्पड़ मार दिया।
गाली-गलौज और धमकी
सेल्समैन के मुताबिक, थप्पड़ मारने के बाद अधिकारी ने जमकर गाली-गलौज की। उसने ओवर रेटिंग के आरोप को सही साबित करने के लिए जबरन कागज पर हस्ताक्षर करवाने की कोशिश की। जब सुपरवाइजर ने हस्ताक्षर करने से इनकार किया तो अधिकारी ने धमकी दी और दबाव बनाया। डर के माहौल में कर्मचारियों को मजबूरी में दस्तखत करना पड़ा।
रिश्वत की डिमांड – 60 हजार से 25 हजार तक सौदा
सेल्समैन मोहित वर्मा ने आगे बताया कि कागज पर हस्ताक्षर करवाने के बाद अधिकारी ने सीधा 60 हजार रुपए की मांग की। जब कर्मचारियों ने इसका विरोध किया और हाथ-पैर जोड़े तो वह रकम घटाकर 25 हजार कर दी।आरोप है कि कर्मचारियों को मजबूर होकर नकद 25 हजार रुपए देने पड़े, तभी अधिकारी दुकान से रवाना हुआ। इस दौरान अधिकारी के साथ उसके 2-3 स्टाफ भी मौजूद थे।
कर्मचारियों का दर्द
कर्मचारियों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब अधिकारियों ने इस तरह की जबरदस्ती की हो। आए दिन विभागीय दबाव और वसूली का सामना करना पड़ता है। लेकिन इस बार मामला इसलिए बड़ा हो गया क्योंकि पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई।एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “अगर हम अधिकारी की मांग पूरी नहीं करते तो दुकान पर झूठे केस बनाकर कार्रवाई कर दी जाती है। डर के माहौल में काम करना पड़ता है।”
प्रशासन और विभाग पर सवाल
यह घटना आबकारी विभाग की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सरकारी ठेके पर इस तरह की मारपीट और रिश्वतखोरी ने विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। खास बात यह है कि अधिकारी की दबंगई का वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से फैल रहा है, जिससे लोगों में गुस्सा और नाराजगी देखने को मिल रही है।
आगे की कार्रवाई?
अब तक इस घटना को लेकर विभागीय स्तर पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन स्थानीय लोगों और कर्मचारियों की मांग है कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उनका कहना है कि जब तक इस तरह के अधिकारियों पर लगाम नहीं लगेगी, तब तक सरकारी दुकानों में पारदर्शिता आना मुश्किल है।





