बलौदाबाजार : ग्राम हरदी के कुएं में गिरे चार हाथी, एक शावक भी शामिल — वन विभाग का रेस्क्यू अभियान जारी
बलौदाबाजार। जिले के बार नवापारा वन क्षेत्र के ग्राम हरदी में सोमवार तड़के एक दुर्लभ और चिंताजनक घटना सामने आई है। यहाँ एक कुएं में चार जंगली हाथी, जिनमें एक शावक भी शामिल है, गिर गए। सुबह ग्रामीणों ने कुएं से हाथियों के चिंघाड़ने की आवाज सुनी और तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम, रेंजर और रेस्क्यू विशेषज्ञों के साथ मौके पर पहुंची, और बचाव अभियान शुरू किया गया। हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुएं के आसपास भारी भीड़ और पर्याप्त संसाधनों की कमी के कारण बचाव कार्य में कठिनाइयाँ आ रही हैं।
कुएं की गहराई और मिट्टी के कटाव से बढ़ा खतरा
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम हरदी के जिस कुएं में हाथी गिरे हैं, वह करीब 25 से 30 फीट गहरा है और लंबे समय से मरम्मत के अभाव में उसकी दीवारें कमजोर हो चुकी हैं।
कुएं के किनारे घने जंगल और खेतों का इलाका है, जहाँ से हाथियों का झुंड बीती रात पानी की तलाश में आया होगा।
अनुमान लगाया जा रहा है कि हाथियों का समूह पानी पीने के दौरान फिसलकर एक-एक कर कुएं में जा गिरा। गिरने के बाद कुएं की दीवार धंसने से हाथियों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला।
रेस्क्यू में लगी पूरी टीम, जेसीबी और क्रेन की मांग
वन मंडलाधिकारी (DFO) बलौदाबाजार ने बताया कि मौके पर वन अमला, रेस्क्यू टीम, डॉक्टर और स्थानीय प्रशासन की टीम तैनात की गई है।
हाथियों को सुरक्षित निकालने के लिए जेसीबी मशीन और क्रेन की मांग की गई है। बचाव दल ने कुएं में ऑक्सीजन की कमी और मिट्टी धंसने के खतरे को देखते हुए सावधानीपूर्वक कार्यवाही शुरू की है।
टीम ने बताया कि कुएं के एक कोने में शावक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि अन्य हाथी लगातार बाहर निकलने का प्रयास कर रहे हैं। कुएं में रस्से और लकड़ी के सहारे हाथियों को बाहर निकालने की योजना बनाई जा रही है।
ग्रामीणों में भय और सहानुभूति दोनों
घटना की जानकारी फैलते ही आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कुछ लोगों ने हाथियों पर पानी और केले फेंककर उन्हें शांत करने का प्रयास किया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द अतिरिक्त संसाधन और रेस्क्यू उपकरण भेजने की मांग की है ताकि जानवरों की जान बचाई जा सके।
वन विभाग ने लोगों से की अपील
वन विभाग ने आसपास के गांवों के नागरिकों से अपील की है कि वे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान भीड़ न लगाएं ताकि बचाव कार्य में बाधा न हो।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उन्हें किसी भी प्रकार की हानि से बचाने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं।
संभावित कारणों की जांच शुरू
अधिकारियों ने बताया कि यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है कि कुएं के आसपास सुरक्षा घेरा क्यों नहीं था और हाथी किस दिशा से आए।
प्राथमिक जांच के अनुसार, यह झुंड बार नवापारा अभयारण्य क्षेत्र से भटककर खेतों की ओर आया था।
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, यदि मौसम और परिस्थिति अनुकूल रही तो देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया जाएगा।



