पिथौरा। पिथौरा तहसील के आरंगी सेवा सहकारी समिति अंतर्गत उपार्जन केंद्र संचालन के लिए जारी सूची में मृत पंचायत सचिव रविलाल चौहान का नाम शामिल कर दिया गया है। जबकि ग्रामीणों के अनुसार उनका निधन महीनों पहले ही हो चुका है। धान खरीदी जैसे संवेदनशील कार्य में मृत अधिकारी का नाम शामिल होना स्थानीय प्रशासन की गंभीर चूक को उजागर करता है। आदेश जारी होते ही क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि—
“पहले ही धान खरीदी में देरी हो रही है, ऊपर से मृत सचिव को प्रभारी बनाना सिस्टम की पूर्ण लापरवाही है।”
इस मामले पर जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा—

“यह अत्यंत गंभीर त्रुटि है। किसानों के हितों से जुड़ा विषय है, इसमें इस प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य है। मैं इस पूरे मामले को लेकर कलेक्टर महोदय से बात करूँगा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करूंगा।”
स्थानीय जनता की मांग है कि प्रशासन तुरंत संशोधित सूची जारी करे और इस गलती की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करे। सूत्रों के अनुसार, विभाग ने मामले की समीक्षा शुरू कर दी है।



