बसना(जीतयादव)।जनपद पंचायत बसना अंतर्गत ग्राम पंचायत कुड़केल (जमड़ी) में फसल नुकसान के मुआवजे को लेकर किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। गांव के केवल लगभग 25 प्रतिशत किसानों को ही अब तक मुआवजा राशि प्राप्त हुई है, जबकि शेष करीब 75 प्रतिशत किसान मुआवजे से वंचित हैं।
फसल मुआवजे में बड़ा अन्याय, जमड़ी के किसानों ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार।
इस गंभीर समस्या को लेकर ग्राम पंचायत कुड़केल के सरपंच श्री भारत डड़सेना के नेतृत्व में किसानों का सामूहिक आवेदन तहसीलदार बसना को सौंपा गया, जिसमें ग्रामवासियों के हस्ताक्षर कराए गए हैं। आवेदन में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत द्वारा पहले ही सभी किसानों के फसल नुकसान के आवेदन एक साथ जमा किए गए थे, इसके बावजूद कई किसानों का नाम सूची में शामिल नहीं हो पाया।

ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में कई बार मौखिक और लिखित रूप से संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन अब तक अधिकांश गरीब किसानों को मुआवजा नहीं मिल सका है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक खराब होती जा रही है।किसानों का आरोप है कि गांव के कुछ बड़े किसानों को तो मुआवजा मिल गया, लेकिन वास्तविक रूप से प्रभावित गरीब किसान आज भी सहायता की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस असमानता को लेकर गांव में आक्रोश का माहौल है।

ग्राम जमड़ी के समस्त ग्रामीणों ने तहसीलदार बसना से मांग की है कि सभी वंचित किसानों के आवेदन की पुनः जांच कर शीघ्र फसल नुकसान का मुआवजा दिया जाए, ताकि गरीब किसानों को भी न्याय मिल सके।




