बसना।राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के निर्देशानुसार तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार लहरे एवं डीएमसी के मार्गदर्शन में चेतना विकास एवं मूल्य शिक्षा दल द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विकासखंड स्तरीय 6 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन विकासखंड स्रोत केंद्र बसना में किया गया। इस प्रशिक्षण में विकासखंड बसना के 60 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय सहभागिता की।

प्रशिक्षण का संयोजन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अंकोरी के प्राचार्य श्री यज्ञराम सिदार के नेतृत्व में किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य सद्जीवन, सहसीखना, नैतिक मूल्य, जीवन कौशल एवं वैज्ञानिक सोच को सुदृढ़ करते हुए शिक्षकों को व्यवहारिक एवं मूल्यपरक शिक्षा से जोड़ना रहा।
चेतना से चरित्र निर्माण तक शिक्षकों को मिला समग्र जीवन दृष्टि का मार्गदर्शन।
इस अवसर पर विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक श्री अनिल सिंह साव ने कहा कि चेतना विकास एवं मूल्य शिक्षा ऐसी समग्र शिक्षा है, जो व्यक्ति के बौद्धिक, भावनात्मक, सामाजिक एवं नैतिक विकास को संतुलित करती है। इसका लक्ष्य जीव चेतना से मानव चेतना की ओर अग्रसर होना है, जिससे व्यक्ति समाधान-समृद्ध, सामंजस्यपूर्ण एवं संतुलित जीवन जी सके। इसमें आत्म-ज्ञान, सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों तथा प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व पर विशेष बल दिया जाता है।

प्रशिक्षण सत्रों में कुशल प्रशिक्षक श्री पवित्रो यादव, श्री विनय शंकर दीवान एवं श्री यज्ञराम सिदार द्वारा शिक्षकों को चेतना विकास एवं मूल्य शिक्षा के विभिन्न आयामों पर सैद्धांतिक व व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। मूल्य शिक्षा के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए प्रशिक्षक श्री यज्ञराम सिदार ने कहा कि इससे ईमानदारी, सहानुभूति, सम्मान, निष्ठा एवं जिम्मेदारी जैसे मानवीय गुणों का विकास होता है, जो शिक्षकों को नैतिक निर्णय लेने एवं सही-गलत की स्पष्ट समझ विकसित करने में सहायक सिद्ध होते हैं।

प्रतिभागी शिक्षकों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताते हुए इसे विद्यालयीन शिक्षा में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला बताया।




