रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की 61.20 करोड़ रुपए की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है। ईडी के अनुसार जब्त की गई संपत्तियों में 364 प्लॉट और कृषि भूमि शामिल हैं, जिनकी कीमत 59.96 करोड़ रुपए है। इसके अलावा 1.24 करोड़ रुपए की बैंक डिपॉजिट और अन्य चल संपत्तियां भी कुर्क की गई हैं।इस मामले में अब तक कुल 276 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच हो चुकी है।
शराब घोटाला ईडी की बड़ी कार्रवाई पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य की 61.20 करोड़ की संपत्ति अटैच।
ईडी ने यह कार्रवाई एसीबी/ईओडब्ल्यू की उस एफआईआर के आधार पर की है, जिसमें IPC और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं लगाई गई थीं। जांच में सामने आया कि इस घोटाले से राज्य सरकार को भारी नुकसान हुआ और करीब 2500 करोड़ रुपए की अवैध कमाई हुई।

जांच में बड़ा खुलासा यह हुआ कि चैतन्य बघेल इस शराब सिंडिकेट के टॉप लेवल पर था और पूरे नेटवर्क को वह खुद संचालित करता था। अवैध पैसों का कलेक्शन, चैनलाइजेशन और वितरण उसके निर्देश पर ही किया जाता था। ईडी का दावा है कि इसी अवैध कमाई को चैतन्य ने अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट ‘विठ्ठल ग्रीन’ (एम/एस बघेल डेवलपर्स) में निवेश कर वैध दिखाने की कोशिश की।

ईडी ने चैतन्य को 18 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया था। वह इस समय न्यायिक हिरासत में है। इससे पहले इस मामले में पूर्व IAS अनिल टूटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, अनवर ढेबर, आबकारी अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री कवासी लखमा की संपत्तियां भी अटैच हो चुकी हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा—“सोचते हो पैतृक संपत्ति जब्त कर लोगे तो डर जाएंगे? हम कांग्रेस के सिपाही हैं।”वहीं कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक विद्वेष बताया और कहा कि जनता इसे कभी माफ नहीं करेगी।




