बसना।बसना क्षेत्र का कुडेकेल नाला वर्षों से टूटा हुआ है और अब यह लोगों की जान के लिए खतरा बन चुका है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस नाले के निर्माण के लिए वे कई बार कलेक्टर को आवेदन दे चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सोमवार रात एक कार (CG04 QH 7203)इसी नाले में गिर गई

बसना विधानसभा के विधायक डॉ. सम्पत अग्रवाल ने चुनाव से पहले पुल निर्माण का आश्वासन दिया था, लेकिन चुनाव के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। बीते दिनों हुई बारिश में नाला फिर से बह गया। मजबूरी में ग्रामीणों ने मुरम डालकर अस्थायी रास्ता बनाया ताकि आवाजाही जारी रह सके।
यह नाला कुडेकेल, मुड़पहार , पोटापारा, बिंछिया ,जमडी और सिरको जैसे कई गांवों को जोड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से स्कूल, बाजार और अस्पताल तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है। सोमवार रात एक कार (CG04 QH 7203)इसी नाले में गिर गई, जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया। वाहन को नुकसान हुआ लेकिन सवारों की जान बच गई।
इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। सोमवार को सैकड़ों लोग मौके पर एकत्र हुए और पुल निर्माण की मांग करते हुए प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर जल्द काम शुरू नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
कुडेकेल नाला की पहले की एक तस्वीर नीचे देखी जा सकती है, जो इस क्षेत्र की स्थिति को साफ दर्शाती है।

ग्रामीणों ने कहा, “हर बार सिर्फ आश्वासन दिया जाता है, लेकिन हकीकत में कुछ नहीं होता। अब हमें ठोस कार्रवाई चाहिए।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन अगर जल्द ध्यान नहीं देता, तो आने वाले दिनों में यहां कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों ने कुडेकेल नाले पर पक्का पुल निर्माण की मांग दोहराई है।




