मतदाता सूची में नाम जोड़ने और जांच को लेकर लोगों में परेशानी — बीएलओ नहीं पहुंच रहे घर-घर, वार्डों में फॉर्म वितरण का काम 10% भी पूरा नहीं
रायपुर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत नाम जोड़ने और संशोधन के लिए लोग इन दिनों काफी परेशान हैं। प्रशासन का दावा है कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को गणना प्रपत्र लेकर घर-घर भेजा गया है, लेकिन शहर के अधिकांश वार्डों में ये अधिकारी नजर नहीं आ रहे हैं। केवल कुछ ही वार्डों में बीएलओ सक्रिय रूप से घूमते हुए देखे गए हैं।
निवासियों का कहना है कि प्रशासन को हर मोहल्ले के सामुदायिक भवन में शिविर लगाकर बीएलओ को बैठाना चाहिए ताकि लोग एक ही स्थान पर जाकर आसानी से अपने फॉर्म भर सकें। अभी स्थिति यह है कि आधे से ज्यादा वार्डों में लोगों को फॉर्म लेने या जानकारी अपडेट कराने में दिक्कतें हो रही हैं।
बीएलओ का कहना है कि मतदाताओं की पुरानी जानकारी मिल नहीं रही है। कई महिलाएं ऐसी हैं जो दूसरे जिले या राज्य से विवाह के बाद यहां आई हैं, उनके नाम भी पुरानी सूची में दर्ज नहीं हैं। वहीं, वार्ड परिसीमन के बाद मतदान केंद्र बदलने से कई मतदाताओं के नाम भी मेल नहीं खा रहे। यही वजह है कि अब तक गणना प्रपत्र बांटने का काम 10 फीसदी से अधिक नहीं हो पाया है।
ऑनलाइन भी भर सकते हैं फॉर्म
मतदाता अब voters.eci.gov.in वेबसाइट के जरिए गणना प्रपत्र ऑनलाइन भर सकते हैं। इसके अलावा अपने मतदान केंद्र के बीएलओ से फॉर्म लेकर भरकर जमा किया जा सकता है। किसी भी परेशानी की स्थिति में मतदाता टोल-फ्री नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।
2003 की सूची में देखें अपना नाम
पुराने मतदाता अपने नाम की जांच मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ की वेबसाइट पर कर सकते हैं। वेबसाइट पर जिला, विधानसभा और मतदान केंद्र का चयन कर नाम देखा जा सकता है।
नोटिस मिलने पर ये दस्तावेज होंगे मान्य
यदि किसी मतदाता को नाम हटाने या संशोधन के संबंध में नोटिस मिलती है, तो उसे जन्म प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट, निवास प्रमाण, जाति प्रमाण-पत्र, बैंक या डाकघर द्वारा जारी पहचान पत्र आदि में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। बिना नोटिस के किसी का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी बीएलओ को घर-घर जाकर फॉर्म बांटने और जानकारी अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां भी लापरवाही की शिकायत मिलेगी, वहां जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि मतदाताओं को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी और निर्धारित समय में पूरा काम पूरा कराया जाएगा।



