बसना(जीतयादव)। बसना थाना क्षेत्र में पत्रकारों के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना से आक्रोशित पत्रकारों ने पहले बसना थाना में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से नाराज होकर सामूहिक रूप से महासमुंद स्थित पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
कार्रवाई नहीं होने पर पत्रकारों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन।
जानकारी के अनुसार, 6 फरवरी को सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो और पोस्ट में पत्रकारों के लिए अशोभनीय और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया था। पोस्ट में पत्रकारों को “दलाल” और “फर्जी पत्रकार” जैसे शब्दों से संबोधित किया गया, जिससे पत्रकार समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया।

घटना के विरोध में बसना क्षेत्र के पत्रकारों ने उसी दिन बसना थाना पहुंचकर लिखित शिकायत देते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। पत्रकारों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि थाना प्रभारी शरद दुबे द्वारा बिना विधिवत जांच के केवल 107/116 की कार्रवाई की बात कही जा रही है, जबकि मूल शिकायत पर स्पष्ट और प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। इस संबंध में पूछे जाने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की बात भी सामने आई है।
थाना स्तर पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज पत्रकार महासमुंद स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और एसपी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई, ताकि भविष्य में पत्रकारों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

इस दौरान संघ के प्रदेश अध्यक्ष सेवक दास दीवान, प्रदेश सचिव आर.के. दास, ब्लॉक अध्यक्ष अरुण साहू, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रकाश सिंहा एवं उत्तर कौशिक, जिला अध्यक्ष गेंददास मानिकपुरी, उपाध्यक्ष अभय धृतलहरे, जिला उपाध्यक्ष प्रकाश पटेल एवं इब्राहिम कादरी, ब्लॉक सचिव बसंत साहू, संगठन सचिव फिरोज खान, ब्लॉक मीडिया प्रभारी दीपक जगत, कुंजराज यादव, दाशरथी चौहान, जीत यादव, देशराज दास, मनहरण सोनवानी, गौरीशंकर मानिकपुरी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
पत्रकारों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि पत्रकार समाज की आवाज है और उसकी गरिमा के साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।



