बसना(जीतयादव)।पिछले दो महीनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे डी.एड. अभ्यर्थियों पर देर शाम पुलिस बल प्रयोग किए जाने का मामला सामने आया है। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल रायपुर में रखा गया है। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
डी.एड. अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल रायपुर भेजे गए प्रदर्शनकारी, विपक्ष ने बताया दमनकारी कदम।
जानकारी के अनुसार, डी.एड. अभ्यर्थी रोजगार और नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत थे। देर शाम पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अभ्यर्थी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उन्हें मौके से हटाकर जेल भेज दिया गया।

जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने डी.एड. अभ्यर्थियों पर कार्रवाई का कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चुनाव के समय किए गए वादों को पूरा करने के बजाय दमनकारी रवैया अपना रही है। उनका कहना है कि जिन युवाओं को रोजगार और नियमितीकरण का आश्वासन दिया गया था, आज वही युवा अपनी मांगों को लेकर सड़क पर हैं और उन्हें संवाद के बजाय जेल भेजा जा रहा है।

मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा, “सरकार को चाहिए कि वह युवाओं से बातचीत कर समाधान निकाले, न कि बल प्रयोग से उनकी आवाज दबाए। यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।”
उन्होंने प्रदेश सरकार को “रोजगार विरोधी” बताते हुए कहा कि पूर्व में कांग्रेस सरकार के दौरान व्यापम परीक्षाओं की आवेदन फीस माफ की गई थी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को राहत मिली थी। उनके अनुसार, वर्तमान सरकार द्वारा शुल्क माफी समाप्त किए जाने से बेरोजगार युवाओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
फिलहाल मामले को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, जबकि अभ्यर्थियों के परिजन और समर्थक उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं।




