सांकरा(जीतयादव)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, सांकरा सेवाकेंद्र में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आज ‘द्वादश ज्योतिर्लिंग झांकी’ का भव्य और गरिमामय शुभारंभ किया गया। इस आध्यात्मिक प्रदर्शनी के माध्यम से श्रद्धालुओं को देश के सुप्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन एक ही स्थान पर कराने की अनूठी पहल की गई है।
महाशिवरात्रि पर्व पर 7 दिवसीय राजयोग मेडिटेशन शिविर का भी आयोजन।
महाशिवरात्रि पर झांकी में सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकाल, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वरम, घृष्णेश्वर सहित सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की आकर्षक और जीवंत प्रतिकृतियां सजाई गई हैं। प्रत्येक ज्योतिर्लिंग के साथ उसकी महिमा, पौराणिक कथा और आध्यात्मिक महत्व की जानकारी भी प्रदर्शित की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को शिव तत्व को समझने का अवसर मिल रहा है।

इस झांकी का विशेष आकर्षण ‘व्यसन एवं बुराई दान पात्र’ रहा, जिसमें श्रद्धालु भगवान शिव को केवल पुष्प-अर्पण ही नहीं, बल्कि कागज पर अपनी बुरी आदतें जैसे नशा, क्रोध, ईर्ष्या, आलस्य आदि लिखकर त्याग का संकल्प ले रहे हैं। इसके अलावा युवाओं और बच्चों के लिए एक आकर्षक ‘सेल्फी जोन’ भी बनाया गया है, जहां लोग इस आध्यात्मिक वातावरण को यादगार बना रहे हैं।
संस्थान द्वारा जनहित में 16 फरवरी से 22 फरवरी तक सात दिवसीय निःशुल्क राजयोग मेडिटेशन शिविर का भी आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में प्रशिक्षित राजयोग शिक्षक तनाव मुक्ति, सकारात्मक सोच और आत्मिक शांति पर मार्गदर्शन देंगे।

उद्घाटन अवसर पर सेवाकेंद्र की मुख्य संचालिका बीके भुवनेश्वरी दीदी ने कहा कि शिवरात्रि का वास्तविक अर्थ आत्मिक जागरण है। जब मनुष्य अपने भीतर की बुराइयों का त्याग कर राजयोग का अभ्यास करता है, तभी जीवन में सच्चा सुख और शांति प्राप्त होती है।यह झांकी और शिविर पूरी तरह निःशुल्क है। संस्थान ने सभी क्षेत्रवासियों से परिवार सहित आकर इस आध्यात्मिक आयोजन का लाभ लेने की अपील की है।




