रायपुर(जीतयादव)। संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम 2026 के भव्य समापन समारोह में उस समय अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के स्वागत में हजारों स्कूली बच्चों ने सामूहिक रूप से “ऐसा जादू है मेरे बस्तर में” गीत पर मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। बच्चों की मधुर आवाज़ और अनुशासित नृत्य ने पूरे आयोजन स्थल को भावनाओं से भर दिया और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जनजातीय परंपरा और बस्तर पण्डुम की संस्कृति की दिखाई जीवंत झलक।
हिंदी और हल्बी बोली में रचित इस गीत के माध्यम से बच्चों ने बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपरागत जीवन शैली, लोक कला, नृत्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा और प्राकृतिक सौंदर्य को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। रंग-बिरंगी पोशाकों में सजे बच्चों की सामूहिक प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि बस्तर केवल प्राकृतिक संसाधनों की भूमि नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत का भी अमूल्य केंद्र है।

कार्यक्रम के दौरान जब हजारों बच्चों ने एक स्वर में गीत गाया, तो पूरा वातावरण गर्व, उत्साह और उल्लास से गूंज उठा। मंच पर उपस्थित अतिथियों के साथ-साथ दर्शक दीर्घा में बैठे लोग भी तालियों से बच्चों का उत्साह बढ़ाते नजर आए। कई अभिभावकों की आंखों में अपने बच्चों को इतने बड़े मंच पर देखकर गर्व के आंसू छलकते दिखाई दिए।
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इस अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बच्चों की प्रतिभा की खुले मंच से सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान को बढ़ाते हैं। दोनों नेताओं ने शिक्षकों और आयोजकों को भी बधाई देते हुए कहा कि यह प्रस्तुति आने वाली पीढ़ी को बस्तर की पहचान से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
समापन समारोह की यह सांस्कृतिक झलक न केवल एक कार्यक्रम थी, बल्कि बस्तर की आत्मा, उसकी संस्कृति और नई पीढ़ी की ऊर्जा का सुंदर संगम बनकर सभी के दिलों में हमेशा के लिए बस गई।




