बसना(जीतयादव)।नन्हे कदमों की मुस्कान और स्वस्थ भविष्य की उम्मीद के साथ शासकीय प्राथमिक शाला गढ़पटनी में फाइलेरिया बचाव जागरूकता एवं दवा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शासन द्वारा चलाए जा रहे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक विद्यालय के बच्चों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाई गई और बीमारी से जुड़ी जरूरी जानकारी दी गई।
फाइलेरिया बचाव जागरूकता के बारे में मितानिन व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने सरल भाषा में समझाया।
इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग का सक्रिय सहयोग रहा। मितानिन श्रीमती निर्मला देवी कैवर्त, कंचन बाई कैवर्त तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उमा कैवर्त ने विद्यालय पहुंचकर बच्चों को दवा का सेवन कराया और सरल भाषा में फाइलेरिया के खतरे को समझाया। बच्चों को बताया गया कि यह बीमारी मच्छर के काटने से फैलती है और लंबे समय बाद गंभीर रूप ले सकती है।

स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने बताया कि फाइलेरिया के शुरुआती लक्षण तुरंत नजर नहीं आते। संक्रमण के बाद इसके लक्षण 6 माह से लेकर 10 वर्ष तक में सामने आ सकते हैं। हाथ-पैरों में सूजन, हाथीपांव और पुरुषों में हाइड्रोसिल जैसी समस्याएं इसके गंभीर रूप हैं, इसलिए समय पर दवा लेना और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को स्वच्छता का महत्व समझाया गया। उन्हें मच्छरों से बचाव के उपाय, मच्छरदानी के उपयोग, घर और आसपास साफ-सफाई रखने तथा गंदा पानी जमा न होने देने की जानकारी दी गई। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई कि वे इस अभियान में सहयोग करें और बच्चों को नियमित रूप से दवा दिलाएं।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधान पाठक सरविन्द सिदार, शिक्षक लगन नाग और शिक्षिका खीरवंती उपस्थित रहे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य की नींव रखते हैं।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों को स्वच्छता अपनाने, स्वस्थ आदतें विकसित करने और बीमारी से बचाव के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दी गई, ताकि गढ़पटनी को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके।




