महासमुंद(जीतयादव)।छत्तीसगढ़ की प्राचीन सांस्कृतिक नगरी सिरपुर में आयोजित तीन दिवसीय “सिरपुर महोत्सव” का समापन समारोह भव्यता और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए कला, संस्कृति और आस्था के इस महापर्व को ऐतिहासिक बताया।
सिरपुर महोत्सव में सांसद ने सिरपुर को विश्व विरासत स्थल बनाने पर दिया जोर।
सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि यह एक पुरातात्विक स्थल नहीं, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है। प्राचीन विरासत से समृद्ध यह ऐतिहासिक नगरी आज विश्व विरासत स्थल बनने की दिशा में निरंतर अग्रसर है और अपनी सांस्कृतिक चेतना के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से स्थापित कर रही है।

उन्होंने कहा कि सिरपुर महोत्सव जैसे आयोजनों से न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण मिलता है, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होते हैं। सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहरें, बौद्ध विहार, मंदिर एवं प्राचीन स्थापत्य कला आज भी विश्व को भारत की समृद्ध संस्कृति का संदेश देती हैं।

इस गरिमामयी अवसर पर महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर सिन्हा, बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री येतराम साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी एवं पर्यटक भी समापन समारोह में शामिल हुए, जिनकी सहभागिता ने आयोजन को और अधिक भव्य और स्मरणीय बना दिया।
समारोह के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकनृत्य, शास्त्रीय संगीत और पारंपरिक कला की झलक ने सिरपुर की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति आज भी जीवंत, समृद्ध और विश्व को आकर्षित करने वाली है।




