बसना(जीतयादव)। तहसील बसना अंतर्गत ग्राम ठाकुरपाली में अवैध धान विक्रय से जुड़े एक मामले में गंभीर लापरवाही सामने आने पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बसना श्री हरिशंकर पैंकरा ने जांच प्रतिवेदन के आधार पर पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई नायब तहसीलदार बसना द्वारा की गई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें गंभीर अनियमितता पाई गई।
भौतिक सत्यापन में सामने आई गड़बड़ी
जांच प्रतिवेदन के अनुसार, पटवारी हल्का नंबर 47, राजस्व निरीक्षक मंडल गढ़फुलझर में पदस्थ श्री हरिशंकर नायक द्वारा कृषक श्री गिरधारी डड़सेना पिता राम प्रसाद के नाम पर धान विक्रय हेतु भौतिक सत्यापन किया गया था।
निरीक्षण के दौरान मौके पर 108 क्विंटल के स्थान पर केवल 70 क्विंटल (175 बोरी) धान पाया गया। हैरानी की बात यह रही कि संबंधित कृषक ने उक्त धान का स्वामित्व स्वीकार करने से इंकार कर दिया।
धान विक्रय में गड़बड़ी पाए जाने पर एसडीएम बसना ने की तत्काल निलंबन की कार्रवाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पटवारी को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनका जवाब प्रशासन को संतोषजनक नहीं लगा। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बसना ने पटवारी श्री हरिशंकर नायक को निलंबित कर दिया।
निलंबन अवधि में मुख्यालय तय
निलंबन अवधि के दौरान पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय बसना नियत किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता भी देय होगा।
प्रशासन का सख्त संदेश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान उपार्जन और विक्रय प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी यदि ऐसे मामले सामने आते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।यह कार्रवाई प्रशासन द्वारा धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।





