बसना।जनपद पंचायत बसना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कुरचुंडी में रोजगार सहायक सफेद रात्रे पर लगे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोपों को लेकर ग्रामीणों में अब भी भारी असंतोष बना हुआ है। मामले की शिकायत ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर महासमुंद एवं जिला पंचायत महासमुंद से की गई थी, जिस पर 17 अक्टूबर 2025 को जांच दल गांव पहुंचा था, लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच अधर में, महीनों बाद भी रिपोर्ट नहीं आई सामने।
ग्रामीणों का कहना है कि रोजगार सहायक सफेद रात्रे पर लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं, जिनमें
पीएम आवास सर्वे एवं किश्त दिलाने के नाम पर अवैध राशि की मांग,
मनरेगा (MNREGA) कार्यों में दूसरे व्यक्तियों के नाम पर मास्टर रोल भरकर भुगतान निकालना,
पात्र ग्रामीणों को रोजगार न देना
जैसी शिकायतें शामिल हैं।

शिकायत के आधार पर जनपद पंचायत बसना द्वारा श्री रूपसिंह सिदार एवं श्री गिरधारी पटेल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था, जो 17/10/2025 को ग्राम पंचायत कुरचुंडी पहुंचे थे। जांच के दौरान सरपंच तोषकुमार रात्रे, पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
उपस्थित पंचों में कुलमणि सिदार, लोकनाथ साहू, लक्ष्मण प्रधान, मुकेश मिरधा, कमलेश, लक्ष्मीकांत साव, दुष्यंत साव, चंद्रमणि साव, दिव्यानंद विश्वकर्मा, अमित सहित अन्य ग्रामीणों ने शिकायत का समर्थन करते हुए सहायक सचिव के कार्यों पर सवाल उठाए थे।
ग्रामीणों ने जांच अधिकारियों के समक्ष पंचायत में हो रहे कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर व्यक्त की थी। जांच दल द्वारा संबंधित दस्तावेजों का अवलोकन कर बयान भी दर्ज किए गए थे।

हालांकि, कई महीने बीत जाने के बावजूद जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होना ग्रामीणों के बीच चर्चा और असंतोष का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि
जांच रिपोर्ट शीघ्र सार्वजनिक की जाए
जांच निष्पक्ष हो
दोषी पाए जाने पर पंचायत सहायक सचिव के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाए
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे पुनः उच्च अधिकारियों से शिकायत करने को मजबूर होंगे।





