महासमुंद(जीतयादव)। कोमाखान पुलिस एवं एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध मादक पदार्थ गांजा की तस्करी में लिप्त 03 अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 5 क्विंटल 20 किलोग्राम (520 किग्रा) गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत 2 करोड़ 60 लाख रुपए बताई जा रही है, जब्त किया गया है। तस्करी के लिए उपयोग की जा रही Force कंपनी की ट्रेवलर एम्बुलेंस (कीमत लगभग 5 लाख रुपए), साथ ही 04 मोबाइल फोन (कीमत 10,500 रुपए) भी पुलिस द्वारा जब्त किए गए हैं। इस प्रकार कुल जब्ती की कीमत 2 करोड़ 65 लाख 10 हजार 500 रुपए आंकी गई है।

नंबर प्लेट बदलकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
पुलिस जांच में सामने आया कि गांजा तस्करों द्वारा एम्बुलेंस की नंबर प्लेट बदलकर पुलिस को भ्रमित करने का प्रयास किया गया था। यह एम्बुलेंस ओडिशा राज्य के खरियार रोड की ओर से महासमुंद की दिशा में आ रही थी।पुलिस अधीक्षक महासमुंद के निर्देश पर नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गठित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स एवं थाना कोमाखान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि सफेद रंग की Force ट्रेवलर एम्बुलेंस क्रमांक OD 02 AX 5501 में गांजा का अवैध परिवहन किया जा रहा है।

सूचना पर त्वरी-टेमरी नाका में नाकेबंदी कर वाहन को रोका गया। वाहन में सवार तीनों व्यक्ति पूछताछ के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। संदेह होने पर एम्बुलेंस की तलाशी ली गई, जिसमें गांजा बरामद हुआ।
ऐसे छुपाकर रखा गया था गांजा
14 सफेद प्लास्टिक बोरियों में – प्रत्येक बोरी में लगभग 20-20 किलोग्राम
16 खाकी रंग के कार्टन, जिन पर मेडिकल चिन्ह लगे पंपलेट चिपकाए गए थे
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ओडिशा के भवानीपटना से गांजा लेकर आ रहे थे।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
गिरफ्तार आरोपी
सागर वाघ, पिता गोकूल वाघ, उम्र 26 वर्ष, निवासी जालना, महाराष्ट्र
संजीव आहिरे, पिता गोकूल आहिरे, उम्र 45 वर्ष, निवासी औरंगाबाद, महाराष्ट्र
सुशील दामाड़े, पिता कृष्णा दामाड़े, उम्र 20 वर्ष, निवासी औरंगाबाद, महाराष्ट्र
पुलिस की बड़ी सफलता
यह कार्रवाई थाना कोमाखान पुलिस एवं एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का परिणाम है। अंतर्राज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों गांजा की तस्करी रोकने की दिशा में इसे बड़ी सफलता माना जा रहा है।




