पिथौरा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” के अंतर्गत जिले के शासकीय हाई स्कूल साल्हेतराई में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, शिक्षा एवं आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना रहा।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत, सखी वन स्टॉप सेंटर की सुविधाओं की दी गई जानकारी
इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों द्वारा सखी वन स्टॉप सेंटर की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि सखी वन स्टॉप सेंटर केंद्र सरकार द्वारा संचालित एक अंब्रेला योजना है, जिसके अंतर्गत संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही छत के नीचे पांच प्रमुख सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इनमें आश्रय, परामर्श, चिकित्सा सुविधा, विधिक सहायता एवं पुलिस सहायता शामिल हैं। यह केंद्र महिलाओं को त्वरित और समन्वित सहायता प्रदान करने का सशक्त माध्यम है।

कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम तथा विद्यालय के शिक्षकों की उपस्थिति में बालिकाओं ने अपने भविष्य को लेकर अपनी संकल्पनाओं को पूरे आत्मविश्वास के साथ अभिव्यक्त किया। साथ ही उन्हें उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं शिक्षा के महत्व से अवगत कराया गया। बालिकाओं को यह संदेश दिया गया कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और किसी भी परिस्थिति में सहायता लेने से न हिचकें।

विद्यालय के प्राचार्य श्री महेश राम साव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बालिकाओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होते हैं।महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से श्रीमती पुनम कोसरिया (संरक्षण अधिकारी), खिलेश्वरी चक्रधारी (जिला मिशन समन्वयक), झलक साहू (केंद्र प्रशासक), श्रीमती चित्रलेखा साहू (समन्वय विशेषज्ञ) एवं आकांक्षा मिश्रा (पर्यवेक्षक) की टीम ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में विद्यालय के व्याख्याता जगबंधु तांडी, हितेश मिश्रा, अयोध्या प्रसाद मिश्रा, सत्येंद्र पाल सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं में आत्मविश्वास, जागरूकता और सशक्तिकरण का सकारात्मक संदेश दिया गया।




