महासमुंद। महासमुंद वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम उमरदा का है, जहां शिकारियों ने जीआई तार में करंट प्रवाहित कर जंगली सुअर का शिकार किया। शिकार के बाद घर में मांस पकाने की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों को न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद जिला जेल भेज दिया गया। जिले में वन्य प्राणियों के अवैध शिकार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की छापेमारी
महासमुंद वनमंडलाधिकारी मयंक पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार को वन विभाग को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम उमरदा में कुछ लोग जंगली सुअर का शिकार कर उसके मांस को घर में पका रहे हैं। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उमरदा निवासी चेतन पिता तेजूराम लोहार, अशोक नेताम पिता सोनऊ भुंजिया एवं अशोक यादव पिता लटिंग रावत के घर दबिश दी।
20 किलो जंगली सुअर का मांस व शिकार सामग्री जब्त
छापेमारी के दौरान तीनों आरोपियों के घर से एक मृत जंगली सुअर का मांस (लगभग 20 किलोग्राम) बरामद किया गया। इसके अलावा शिकार में प्रयुक्त जीआई तार, फरसा, कुल्हाड़ी, हसिया, प्लास्टिक बैग, बर्तन, तराजू-बाट सहित अन्य सामग्री भी जब्त की गई।
3 किलोमीटर लंबी जीआई तार बिछाकर किया गया शिकार
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 26 दिसंबर की रात को वन कक्ष क्रमांक-64 से लगे खेतों में लगभग 3 किलोमीटर नंगी जीआई तार बिछाकर उसमें विद्युत प्रवाहित कर जंगली सुअर का शिकार किया।
27 दिसंबर की सुबह करीब 6 बजे मृत जंगली सुअर को तालाब के ऊपर खार में सुनसान स्थान पर ले जाकर काटा गया और उसे तीन हिस्सों में बांटकर अपने-अपने घर ले आए। मांस पकाकर खाने की तैयारी की जा रही थी, तभी वन विभाग की टीम ने मौके पर दबिश देकर उन्हें पकड़ लिया।
वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज
गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध भारतीय वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की धारा 9 सहपठित धारा 2(20), 39(3)(क), 48(क), 50(1) एवं 51 के तहत विधिवत प्रकरण दर्ज किया गया। न्यायालय महासमुंद के आदेशानुसार 28 दिसंबर को तीनों आरोपियों को जिला जेल भेज दिया गया।
इन अधिकारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस कार्रवाई में सतीश पटेल (वनपाल), मुन्नालाल त्रिपाठी (वनपाल), दीपक शर्मा, कौशल कुमार आड़िल, पदुम गोनार, नरेन्द्र बंसोड (वनरक्षक), दुर्गेश, गोवर्धन, हेमंत, रघु, चन्दु, योगेश सहित अन्य वनकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वन विभाग की चेतावनी
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्य प्राणियों के शिकार, अवैध विद्युत बिछाने और वन अपराधों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।






