महासमुंद। केंद्रीय विद्यालय महासमुंद में गुरुवार को “हरित विद्यालय निर्माण” विषय पर एक विशेष विशेषज्ञ वार्ता (Expert Talk) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि विस्तार अधिकारी उमेश चंद्राकर को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों को प्लास्टिक मुक्त विद्यालय, जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के महत्व पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
चंद्राकर ने कहा कि विद्यालय ही वह स्थान है, जहाँ से पर्यावरण संरक्षण की सोच और जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे “हरित विद्यालय” की अवधारणा को व्यवहार में उतारें और पेड़-पौधे लगाकर, प्लास्टिक का उपयोग कम करके और जल का संरक्षण कर विद्यालय को स्वच्छ और हराभरा बनाएं।
वार्ता के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ ने सरल और प्रेरणादायक उत्तर दिया। इस अवसर पर हरित विद्यालय पर आधारित परिचर्चा प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
विद्यालय के प्राचार्य संजय कंसल ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे स्वच्छता, हरियाली और प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने में सक्रिय योगदान दें।
कार्यक्रम में शिक्षक ओमप्रकाश चंद्राकर, प्रधानाध्यापिका कांता एक्का, जी.के. निर्मलकर, भूमिका साहू, प्रवीण साहू, सूर्यकुमार, गुलाब आवड़े, राजेश अग्रवाल सहित अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


