पिथौरा। जनपद पंचायत पिथौरा की ग्राम पंचायत डोंगरीपाली में पूर्व सरपंच अहिल्या बरिहा के कार्यकाल के दौरान बड़ी वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में कुल ₹1,39,26,093 (एक करोड़ उन्तीस लाख छब्बीस हजार तिरानबे रुपये) की गड़बड़ी पाई गई है।
जांच में खुलासा हुआ कि यह राशि ‘साहू इंटरप्राइजेस’ नामक फर्जी फर्म को भुगतान की गई थी, जबकि इसके कोई भी बिल, वाउचर या वैध दस्तावेज पंचायत में उपलब्ध नहीं हैं।
कलेक्टर से की गई शिकायत, जांच में अधिकारी पहुंचे तो फर्म संचालक गायब
ग्रामीणों ने मामले की शिकायत कलेक्टर महासमुंद से की थी और फर्जी फर्म ‘साहू इंटरप्राइजेस’ का सत्यापन कराने की मांग की थी। इस शिकायत पर 29 अक्टूबर को जांच अधिकारी पंचायत पहुंचे, लेकिन फर्म संचालक दुलीकेशन साहू जांच के डर से उपस्थित नहीं हुए।
ग्रामीणों ने बताया कि दुलीकेशन साहू वर्तमान सरपंच किरण साहू के पति हैं। जांच के दौरान सरपंच किरण साहू, सचिव हजारीलाल केवर्त और पूर्व सरपंच अहिल्या बरिहा भी पंचायत में मौजूद नहीं थे।
पहली जांच में भी नहीं मिले जिम्मेदार अधिकारी
शिकायतकर्ता अमितेष बरिहा ने बताया कि 14 अक्टूबर को जनदर्शन में आवेदन देकर फर्जी फर्म के सत्यापन की मांग की गई थी। इस पर जनपद पंचायत पिथौरा सीईओ के आदेश से 22 अक्टूबर को जांच अधिकारी गुलाब सामल, जसवंत सिंह पैकरा और डीएल बरिहा डोंगरीपाली पहुंचे थे।
उस दिन भी सरपंच, सचिव और फर्म संचालक तीनों अनुपस्थित थे। ग्रामीणों का आरोप है कि दुलीकेशन साहू राजनीतिक पार्टी से जुड़े हैं और बड़े नेताओं के संरक्षण में कार्य कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं को धमकियां और पैसे लेकर मामला खत्म करने तक के प्रस्ताव मिले हैं।
“गांव के विकास की राशि से अपना विकास” — शिकायतकर्ता
शिकायतकर्ता अमितेष बरिहा ने कहा कि दुलीकेशन साहू जांच से बचने की कोशिश में हैं, लेकिन सच्चाई जल्द सामने आएगी। उन्होंने बताया कि पंचायत विकास की राशि का गबन कर निजी लाभ उठाया गया है। ग्रामीण अब इस मामले की गहराई तक जांच की मांग कर रहे हैं।
अधिवक्ता बोले — गबन व भ्रष्टाचार की धाराओं में दर्ज हो मामला
जिला न्यायालय महासमुंद के अधिवक्ता शैलेष अग्रवाल ने बताया कि अगर पंचायत में वित्तीय भ्रष्टाचार सिद्ध होता है तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) के तहत गबन और भ्रष्टाचार का अपराध दर्ज किया जा सकता है।
साथ ही, गबन की गई राशि पंचायत राज अधिनियम के तहत वसूल की जा सकती है।
वर्तमान सरपंच को बर्खास्त करने की मांग
शिकायतकर्ता एम.डी. सागर ने बताया कि उन्होंने कलेक्टर के समक्ष वर्तमान सरपंच किरण साहू को पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत पद से हटाने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि सरपंच किरण साहू ने अपने पति दुलीकेशन साहू (फर्जी साहू इंटरप्राइजेस संचालक) को 18 जुलाई को स्कूल मैदान समतलीकरण कार्य के लिए ₹4,59,566 का भुगतान किया था, जो नियमों का उल्लंघन है।
दो बार जांच के लिए गई टीम, पर जिम्मेदार रहे नदारद
जांच अधिकारी डी.एल. बरिहा ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर दो बार डोंगरीपाली पंचायत में जांच की गई, पर दोनों ही बार फर्म संचालक, सरपंच और सचिव अनुपस्थित रहे। जांच रिपोर्ट शीघ्र ही उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी।



