छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने की घटना पर प्रदेश में आक्रोश — विधायक चातुरी नंद ने कही यह बड़ी बात
सरायपाली। छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने की घटना ने पूरे प्रदेश में गहरा आक्रोश और पीड़ा का माहौल पैदा कर दिया है। इस घटना को लेकर आम जनता से लेकर जनप्रतिनिधियों तक ने कड़ी नाराज़गी जताई है। सरायपाली विधायक चातुरी नंद ने इसे “छत्तीसगढ़ की अस्मिता और मातृभूमि के सम्मान पर सीधा हमला” बताया है।
विधायक नंद ने कहा कि — “छत्तीसगढ़ महतारी केवल एक मूर्ति नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, हमारी पहचान और हमारी मातृभूमि की प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा को तोड़ना हर छत्तीसगढ़िया की भावनाओं को आहत करना है।”
उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगातार छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा, बोली-भाषा और तीज-त्योहारों पर हमला किया जा रहा है। यह घटना उसी मानसिकता को दर्शाती है, जो छत्तीसगढ़ की मिट्टी से जुड़ी भावनाओं को कमजोर करना चाहती है।
विधायक नंद ने कहा कि — “भाजपा शासन में जब छत्तीसगढ़ महतारी जैसी मातृशक्ति के प्रतीक को भी नहीं छोड़ा गया, तब यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार की नीयत प्रदेश की अस्मिता को मिटाने की है। सरकार का मौन रवैया पूरे प्रदेश के लिए पीड़ादायक और अपमानजनक है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने में देरी कर रही है और इस पर चुप्पी साधे बैठी है। विधायक चातुरी नंद ने प्रदेश सरकार से तत्काल दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है और कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह छत्तीसगढ़ की अस्मिता की रक्षा के प्रति कितनी गंभीर है।



