छत्तीसगढ़ में ड्राइवरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू — महासमुंद में परिवहन प्रभावित
महासमुंद । छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर शनिवार सुबह से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। प्रदेश के कई जिलों में परिवहन व्यवस्था आंशिक रूप से प्रभावित रही। बड़ी गाड़ियों के 400 से अधिक ड्राइवर रायपुर के मंदिर हसौद और सिलतरा में धरने पर बैठे हैं।
बस ड्राइवरों ने भी हड़ताल के समर्थन में सुबह दो घंटे तक बसें बंद रखीं और भाठागांव बस स्टैंड में वाहन खड़े कर दिए। बाद में यात्रियों की परेशानी को देखते हुए बसों का संचालन शुरू किया गया।
महासंगठन के अध्यक्ष प्रीतम सेन और कोषाध्यक्ष हेमनाथ देवांगन ने बताया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि इस हड़ताल को अखिल भारतीय महासंगठन और छह राज्यों के एसोसिएशन का समर्थन मिला है।
ड्राइवर महासंगठन की 9 सूत्रीय प्रमुख मांगें
ड्राइवरों के लिए न्यूनतम वेतनमान और बीमा सुविधा लागू की जाए।
दुर्घटना में जान जाने पर परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी दी जाए।
ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा की जाने वाली मनमानी वसूली पर रोक लगे।
ड्राइवरों के खिलाफ दर्ज झूठे प्रकरणों की समीक्षा कर उचित कार्रवाई की जाए।
प्रत्येक जिले में ड्राइवर कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए।
आरटीओ कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की जाए।
हाइवे पर विश्राम स्थल (Rest Point) और साफ-सुथरे शौचालय की व्यवस्था की जाए।
ट्रक ड्राइवरों के लिए नाइट शेल्टर और मेडिकल सुविधा सुनिश्चित की जाए।
हड़ताल के दौरान किसी भी ड्राइवर पर दबाव या कार्रवाई न की जाए।
धमतरी: तीन जिलों की सीमा पर आंदोलन, 600 ड्राइवरों ने चाबी सौंपी
जिला मुख्यालय से करीब 7 किमी दूर धमतरी, बालोद और कांकेर की सीमा स्थित चिटौद में भी ड्राइवरों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया। यहां करीब 600 ड्राइवरों ने अपने वाहन मालिकों को गाड़ियों की चाबी सौंप दी, जिससे ट्रांसपोर्ट सेवाएं ठप रहीं।
महासमुंद: बस ड्राइवरों ने नहीं किया समर्थन, फिर भी ट्रक चालकों ने बसें रुकवाईं
महासमुंद जिले में बस चालकों ने हड़ताल का समर्थन नहीं किया, लेकिन ट्रक चालकों ने सारंगढ़ और रायपुर रोड पर बसों को रोक दिया। बसना, सरायपाली और बागबाहरा मार्ग में भी परिवहन आंशिक रूप से प्रभावित रहा।
सुबह 6 बजे रायपुर के लिए निकलने वाली बस करीब 2 घंटे देरी से रवाना हुई।
बलौदाबाजार: हड़ताल का असर सीमित रहा
बलौदाबाजार में हड़ताल का खास असर नहीं दिखा। हड़ताली ड्राइवरों ने ट्रकों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन स्थानीय ड्राइवरों का समर्थन नहीं मिला।
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ट्रक और बसों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रही।


