महासमुंद। जिले में राशन कार्ड में पंजीकृत सदस्यों का ई-केवायसी कराना अनिवार्य किया गया है। खाद्य विभाग की सुस्ती और हितग्राहियों की उदासीनता के कारण दो साल बीत जाने के बाद भी जिले के 1.46 लाख से अधिक सदस्यों की ई-केवायसी अधूरी है। विभाग ने अब अंतिम अवसर देते हुए 31 अक्टूबर तक ई-केवायसी कराने की समय-सीमा तय की है।
जिले में 3,65,665 राशन कार्डों में 11,50,659 सदस्य पंजीकृत हैं। इनमें से अब तक 10,04,066 सदस्यों की ई-केवायसी पूरी हो चुकी है, जबकि 1,46,593 सदस्य अभी शेष हैं। विभाग ने बार-बार शिविर आयोजित किए, लेकिन हितग्राही पर्याप्त रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अब विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित तिथि तक ई-केवायसी नहीं कराने वालों का नाम राशन कार्ड से काटा जा सकता है।
जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव ने बताया कि “पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को छोड़कर राशन कार्ड में दर्ज सभी सदस्यों को ई-केवायसी कराना आवश्यक है।”
फिलहाल जिले में 539 उचित मूल्य की दुकानें हैं, जहां लाभार्थी अपना ई-केवायसी कार्य पूर्ण करा सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जो सदस्य बुजुर्ग या असमर्थ हैं, उनके लिए घर-घर जाकर ई-केवायसी की व्यवस्था की गई है।
पलायन बनी बड़ी वजह :
जिले में मजदूर वर्ग का शहरी क्षेत्रों और अन्य राज्यों की ओर पलायन भी एक बड़ी बाधा बन गया है। कई परिवार बाहर काम करने चले गए हैं, जिससे उनका ई-केवायसी नहीं हो पा रहा।
विकासखंडवार आंकड़े :
पिथौरा : 2,33,301 में से 27,352 शेष
बसना : 1,85,653 में से 22,416 शेष
बागबाहरा : 2,10,086 में से 27,593 शेष
महासमुंद : 2,31,551 में से 30,434 शेष
सरायपाली : 1,75,154 में से 17,686 शेष
कुल ग्रामीण क्षेत्र : 1,25,481 शेष सदस्य
नगर क्षेत्र :
महासमुंद नगर में 9,104, बसना में 2,086, और पिथौरा में 1,518 सदस्य अब तक ई-केवायसी नहीं करा पाए हैं।
कुल शहरी क्षेत्र : 21,112 शेष सदस्य।



