बसना। सामाजिक समरसता, सौहार्द और भाईचारे को सुदृढ़ करने की दिशा में बसना क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल की गई। विधायक डॉ. संपत अग्रवाल की प्रेरणा, नेतृत्व और सक्रिय सहभागिता में नीलांचल भवन में दीपावली मिलन समरसता भोज का भव्य आयोजन हुआ। इस आयोजन ने समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाकर सामाजिक एकता और सद्भाव का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया।
विधायक डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यह आयोजन केवल दीपावली का उत्सव नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का पर्व है। दीपावली का असली अर्थ केवल दीप जलाना नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, एकता और सौहार्द का प्रकाश फैलाना है। उन्होंने कहा, “जब हम एक साथ बैठकर भोजन करते हैं, तो वह केवल भोजन नहीं, बल्कि एकता का प्रसाद होता है।”
डॉ. अग्रवाल ने भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेते हुए कहा कि श्रीराम ने निषादराज को गले लगाया और माता शबरी के जूठे बेर प्रेम से खाए — ये हमें सिखाता है कि समाज में कोई ऊंच-नीच नहीं, सब समान हैं। यह हमें सामाजिक भेद मिटाकर सभी को समान आदर देने की शिक्षा देता है।
समारोह में विधायक डॉ. अग्रवाल ने सभी वर्गों के लोगों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया, जिससे यह सशक्त संदेश गया कि जनप्रतिनिधि केवल नेतृत्वकर्ता नहीं, बल्कि समाज का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा, “जब हम एक साथ बैठते हैं, एक साथ खाते हैं, एक साथ मुस्कुराते हैं — तभी समाज में सच्ची एकता जन्म लेती है, और यही एकता हमारे राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है।”



