बसना में क्षेत्र स्थित नेशनल हाइवे 53 पर बने बिहार-यूपी ड्राइवर ढाबा भूकेल में भोजन करने के बाद एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने ढाबा संचालक पर घटिया और दूषित खाना परोसने का आरोप लगाते हुए ढाबा सील करने की मांग की है। वहीं, फूड सेफ्टी विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, 28 अगस्त की रात लुकापारा निवासी कन्हैया कुमार चौधरी अपने छह दोस्तों के साथ ढाबे में भोजन करने पहुंचा था। इनमें से कन्हैया चौधरी, भुवन पटेल और दिनेश सिदार ने मलाई रोटी खाई, जबकि अन्य चार साथियों ने दाल-चावल का सेवन किया। अगले दिन सुबह मलाई रोटी खाने वाले तीनों युवकों की अचानक तबीयत बिगड़ गई।
तीनों को उल्टी, दस्त, बुखार और पेट दर्द की शिकायत हुई। भुवन पटेल और दिनेश सिदार धीरे-धीरे ठीक हो गए, लेकिन कन्हैया चौधरी की हालत बिगड़ती चली गई। उसे पहले नजदीकी अस्पताल और बाद में रायपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 15 सितंबर को उसकी मौत हो गई। जांच रिपोर्ट में मौत का कारण फूड प्वाइजनिंग बताया गया है।
कन्हैया चौधरी परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मौत से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने ढाबा संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्थायी रूप से ढाबा सील करने की मांग की। वहीं ढाबा संचालक शंभु सिंह ने आरोपों से इंकार किया और कहा कि उनके यहां रोजाना सैकड़ों लोग भोजन करते हैं और पहले कभी ऐसी शिकायत नहीं हुई।
इधर, फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने ढाबे से खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। विभागीय अधिकारी ज्योति भानु ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


