रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया से पर्यटन एवं कृषि क्रांति की शुरुआत की। इस पहल से जशपुर जिले के स्व-सहायता समूहों और किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष व पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास” के संकल्प को चरितार्थ करते हुए छत्तीसगढ़ निरंतर विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जशपुर में पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओं और स्व-सहायता समूहों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया।

जशपुर जम्बूरी से मिली नई पहचान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जशपुर जम्बूरी के माध्यम से जिले को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान दिलाई गई है। वर्ष 2024 में आयोजित जम्बूरी में पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे।
ईको-टूरिज्म और एडवेंचर स्पोर्ट्स ने पर्यटकों को आकर्षित किया।
सांस्कृतिक प्रदर्शन, स्थानीय व्यंजनों और जनजातीय नृत्यों ने उत्सव को विशेष बनाया।
स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पकारों और गाइड्स को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए।

6 से 9 नवम्बर तक जशपुर जम्बूरी का नया सीजन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आगामी 6 से 9 नवम्बर तक जशपुर जम्बूरी का नया सीजन आयोजित होगा। इसमें देश-दुनिया के लोग शामिल होकर रोमांच, कला और सामुदायिक अनुभवों का आनंद लेंगे।
कर्मा और सरहुल जैसे जनजातीय नृत्यों का मंचन
गोदना कला, काष्ठ शिल्प और लौह शिल्प की प्रदर्शनी
लोकनाट्य पर आधारित सांस्कृतिक संध्या

इस आयोजन से न केवल जशपुर की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय कला, हस्तशिल्प और पर्यटन को वैश्विक पहचान भी मिलेगी। जशपुर जम्बूरी प्रकृति, संस्कृति और विकास को एक सूत्र में पिरोते हुए आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा।



