महासमुंद। सनसनीखेज हत्या मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC-ST Act) की विशेष न्यायाधीश अनिता डहरिया ने यह ऐतिहासिक निर्णय सुनाया।
अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए उसे धारा 302 (हत्या) के तहत आजीवन कारावास की सजा और 2 हजार रुपए का अर्थदंड देने का आदेश दिया है। साथ ही, अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि जुर्माना अदा नहीं किया गया तो आरोपी को चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
हत्या के आरोपी उत्तम कुमार यादव दोषी करार
इस पूरे मामले में दोषी ठहराया गया आरोपी उत्तम कुमार यादव (24 वर्ष) है, जो बागबाहरा क्षेत्र के सोनदादर गांव का रहने वाला है। घटना की जांच और गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने माना कि आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से युवक की हत्या की।
इसके अलावा, आरोपी पर धारा 201 (सबूत मिटाने का प्रयास) के तहत भी मुकदमा चला। इस धारा के तहत अदालत ने उसे दो वर्ष की कैद और 100 रुपए का अतिरिक्त अर्थदंड सुनाया है। अदालत का यह निर्णय जिले में कानून व्यवस्था के लिए एक मजबूत संदेश माना जा रहा है।
13 अगस्त 2023 की घटना
यह वारदात 13 अगस्त 2023 की शाम करीब 6 बजे हुई थी। घटना स्थल बागबाहरा थाना क्षेत्र का सोनदादर पुलिया था। पुलिस की केस डायरी के अनुसार, मृतक लकेश्वर अपने दो साथियों के साथ खेत से काम करके घर लौट रहा था। उसी दौरान रास्ते में आरोपी उत्तम यादव वहां पहुंचा और उसने अचानक लकेश्वर पर हमला कर दिया।
बताया गया कि आरोपी ने पहले लकेश्वर के पेट में चाकू से वार किया और उसके बाद हाथ पर भी हमला किया। यह हमला इतना गंभीर था कि लकेश्वर लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। साथी तत्काल उसे नजदीकी अस्पताल ले जाने के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
जांच और सबूत
घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पूरे मामले की विवेचना के बाद चालान पेश किया। अदालत में पेश सबूतों से साफ हो गया कि हत्या का जिम्मेदार आरोपी ही है।
इस मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक राजेंद्र साहू ने की। उन्होंने अदालत में सभी गवाहों के बयान और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों को प्रस्तुत किया। उनके तर्कों के आधार पर अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई।
कोर्ट का फैसला
विशेष न्यायाधीश अनिता डहरिया ने मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि हत्या जैसे जघन्य अपराधों में सख्त सजा जरूरी है, ताकि समाज में अपराधियों के मन में कानून का भय बना रहे। अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए स्पष्ट किया कि उसे जीवन भर जेल में रहना होगा।धारा 302 के तहत दी गई आजीवन कारावास की सजा के अलावा धारा 201 में भी दो साल की कैद और 100 रुपए जुर्माने का आदेश दिया गया है।





