बसना में नशीली दवाओं की तस्करी का भंडाफोड़, तीन तस्कर गिरफ्तार, बड़ी खेप जब्त
महासमुंद। जिले में अवैध नशीली दवाओं की तस्करी लगातार बढ़ती जा रही है। बड़े स्तर पर खेप पकड़ में आने के बाद अब तस्कर छोटे-छोटे पैकेट बनाकर ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच बसना पुलिस ने तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में तीन तस्करों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से प्रतिबंधित दवाइयां, टैबलेट और अन्य सामान जब्त किया है।
पहला मामला : तहसील कार्यालय के पास दो तस्कर गिरफ्तार
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 28 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर बसना के तहसील कार्यालय के बगल स्थित खाली मैदान में नशीली दवाओं के साथ ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने मौके पर दबिश दी और दो संदिग्धों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम —
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सलाम मुशानी (24 वर्ष) पिता अब्दुल गफ्फार मुशानी, निवासी अरेकेल डिपा, बसना।
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सागर सिंदे (31 वर्ष) पिता स्व. राजेश सिंदे, निवासी वार्ड-10, तालपारा, बसना।
दोनों आरोपियों के कब्जे से प्रतिबंधित नशीली दवाओं के 93 नग टैबलेट बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत ₹2724.90 आंकी गई है। साथ ही मोबाइल फोन और अन्य सामान भी पुलिस ने जब्त किया।
दूसरा मामला : सिटी ग्राउंड के पास युवक गिरफ्तार
उसी दिन पुलिस को दूसरी सूचना मिली कि बसना के सिटी ग्राउंड के पास एक युवक बड़ी मात्रा में नशीली दवाओं की टैबलेट रखकर ग्राहकों की तलाश कर रहा है। सूचना पर पुलिस ने वहां पहुंचकर संदिग्ध को हिरासत में लिया।
गिरफ्तार आरोपी का नाम है —
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सुशांत कुमार चौहान (23 वर्ष) पिता स्व. भवन कुमार चौहान, निवासी वार्ड-11, सांई नगर, बसना।
पुलिस ने उसके कब्जे से नाइट्रोजन 10 एमजी की अवैध टैबलेट जब्त की। आरोपी के पास से कुल 10 पत्ता टैबलेट (प्रत्येक पत्ते में 10 टेबलेट) यानी 100 नग टैबलेट मिले, जिनकी बाजार कीमत लगभग ₹780 बताई गई है।
पुलिस की कार्रवाई और केस दर्ज
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर गिरफ्तारी की सूचना उनके परिजनों को भी दी। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल तीनों से पूछताछ जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि दवाओं की सप्लाई कहां से हो रही थी और इसके पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से यह साफ होता है कि अब तस्कर बड़े पैमाने की बजाय छोटी-छोटी खेप में दवाएं सप्लाई कर रहे हैं, ताकि पुलिस की पकड़ में न आ सकें। लेकिन पुलिस की चौकसी के चलते उन्हें कामयाबी नहीं मिल पा रही है।
नशीली दवाओं की बढ़ती समस्या
महासमुंद जिले सहित प्रदेश के कई हिस्सों में अवैध नशीली दवाओं की तस्करी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। खासकर युवाओं में इनकी खपत तेजी से बढ़ रही है, जिससे समाज में अपराध और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। नाइट्रोजन, कोडीन सीरप और अन्य प्रतिबंधित दवाओं का सेवन नशे के रूप में किया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नशीली दवाओं की लत से न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है, बल्कि परिवार और सामाजिक जीवन भी बर्बाद हो जाता है। यही कारण है कि पुलिस लगातार ऐसी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
पुलिस की अपील
बसना पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध नशीली दवाओं की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। समाज से ऐसे अपराधों को खत्म करने के लिए पुलिस और जनता दोनों की साझी जिम्मेदारी है।