महासमुंद में करंट से जंगली सुअर-भालू का शिकार, 5 आरोपी गिरफ्तार
महासमुंद। जिले में वन्य प्राणियों के अवैध शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने 11 केवी हाईटेंशन लाइन से खेत में करंट बिछाकर जंगली सुअर और भालू का शिकार किया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने दबिश दी और मौके से 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से जंगली सुअर का मांस और शिकार में इस्तेमाल किए गए सामान जब्त किए गए। वहीं, भालू का शव जंगल से बरामद हुआ।
करंट बिछाकर किया शिकार
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम भीमखोज और जोरातराई कमार डेरा के कुछ ग्रामीणों ने खेतों के आसपास 11 केवी बिजली लाइन से करंट बिछाया था। इसमें जंगली सुअर और भालू करंट की चपेट में आकर मारे गए। आरोपी जानवरों का मांस काटकर बांटने और पकाने की तैयारी में जुटे थे।
उप वनमंडल अधिकारी ने दी जानकारी
उप वनमंडल अधिकारी गोविंद सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने भीमखोज और जोरातराई कमार डेरा में दबिश दी। इस कार्रवाई में जोरातराई से अगर सिंह (40), अर्जुन (36), तुलाराम (35), चैतराम और एक अन्य चैतराम को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी मौके पर सुअर का मांस पकाते हुए पाए गए।
जब्ती और कार्रवाई
वन विभाग की टीम ने आरोपियों के घर और घटना स्थल से करीब 6.5 किलो मांस, 5.2 किलो जीआई तार, बांस की खूंटी और खून से सना सामान जब्त किया है। इसके साथ ही भालू का शव भी पास के जंगल से बरामद किया गया। आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9(33), 49, 50, और 51 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
न्यायालय में पेश
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि वन्य जीवों का शिकार करना कानूनन अपराध है और इसमें कठोर सजा का प्रावधान है।
लगातार हो रहे शिकार के मामले
महासमुंद और आसपास के जंगलों में जंगली सुअर और भालू के शिकार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अधिकांश मामलों में शिकारी करंट बिछाकर या फंदा लगाकर जानवरों को मार देते हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि ग्रामीणों के बीच शिकार की यह प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, जिसे रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
ग्रामीणों से अपील
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि अगर कहीं भी शिकार जैसी गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचना दें। साथ ही विभाग ने चेतावनी दी है कि इस तरह की घटनाओं में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।




