महासमुंद(जीतयादव)।लोक कला एवं बोली विकास अकादमी, संस्कृति परिषद भोपाल, मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित लोकरंग महोत्सव की 41वीं श्रृंखला में आशुतोष मालवीय, अतिथि व्याख्याता (भूगोल), डॉ. भीमराव अंबेडकर शासकीय महाविद्यालय बलौदा, महासमुंद को सम्मानित किया गया।यह सम्मान बिलासपुर जिले के बेलपान (तखतपुर) क्षेत्र में निवासरत डांगचगहा “नट” समुदाय की भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया।

लोकरंग के मंच पर डांगचगहा नट समुदाय की बोली संरक्षण को मिला सम्मान।
गणतंत्र दिवस की शुभ संध्या पर आयोजित लोकरंग महोत्सव समारोह में मध्यप्रदेश के महामहिम राज्यपाल श्री मंगू भाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में आशुतोष मालवीय को उनके नवाचारी कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। उनके प्रयासों से डांगचगहा नट समुदाय की बोली के संरक्षण हेतु टॉकिंग डिक्शनरी का निर्माण किया गया है, जिसमें घुमंतू समुदाय की भाषा, शब्दावली और उच्चारण को संकलित किया गया है।

उल्लेखनीय है कि घुमंतू एवं विमुक्त जातियों और जनजातियों की भाषाएं ऐतिहासिक रूप से अत्यंत समृद्ध रही हैं। ब्रिटिश काल में ये समुदाय राजाओं के लिए गुप्तचर की भूमिका निभाते थे, लेकिन समय के साथ इनके उपयोग में कमी आने से इनकी भाषा, जिसे स्थानीय रूप से “बजानियो” कहा जाता है, धीरे-धीरे विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गई है। यदि समय रहते संरक्षण नहीं किया गया, तो यह अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर समाप्त हो सकती है।

आशुतोष मालवीय द्वारा किया गया यह प्रयास न केवल भाषा संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए लोक संस्कृति को संजोने का प्रेरणास्रोत भी है।



